जेईई एडवान्स : सुरत के श्रेय राजीव का श्रेष्ठ प्रदर्शन

 Aapnu Gujarat

भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान आईआईटी की प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने के लिए चर्चित संस्थान सुपर-३० ने ३० वर्ष आईआईटी संयुक्त परीक्षा में एकबार फिर परचम लहेराया है । इस वर्ष इस संस्था के २६ बच्चो ने सफलता पाई है । आज जेईई परिणाम घोषित होने के बाद सुपर-३० के संस्थापक और गणितज्ञ आनंद कुमार ने कहा कि अब सुपर-३० का आकार और भी बड़ा किया जाएगा । दुसरी और जेईई एडवान्स परिणाम में सुरत के विद्यार्थीने भी टोप-१०० में स्थान हांसिल किया है ।
कक्षा-१२ सामान्य संकाय के बाद ली गई जेईई एडवान्स का परिणाम आज घोषित किया गया । जिसमें सुरत के विद्यार्थी ने अभूतपूर्व सफलता हांसिल की है । देशभर में टोप-१०० में से सुरत के विद्यार्थी ने ७२वां स्थान हांसिल किया है । माता-पिता सहित स्कुल और क्लासीस की ओर से इस विद्यार्थी पर अभिनंदन की बारिश हो रही है । सुरत के श्रेय राजीव बंसल नाम के इस विद्यार्थी ने यह सफलता हांसिल की है । श्रेय ने ३६० मार्क में से २८० मार्क हांसल किये है और अगले समय में श्रेय दिल्ली और मुंबई से आईआईटी में से कम्प्युटर साइन्स में एन्जिनियर बनने की इच्छा रख रहा है । लांसर आर्मी स्कुल में अभ्यास कर चुके श्रेय बंसल आकाश इन्स्टीट्युट में से तैयारी करते हुए यह सफलता हांसिल करने में सफल रहा है ।
सोशल नेटवर्क से दुर रहकर सफलता हांसिल की है । सोशल नेटवर्क से वह दुर था । श्रेयने बताया कि फेसबुक, वोट्‌सएप जैसे सोशल मीडिया के साथ सोशल कार्यक्रमों में वह शामिल नहीं हो रहा था । श्रेय के पिता राजीव बंसल ने कहा कि वह पढ़ने में पहले से ही होशियार था । स्कुल, कॉलेज में हर बार फर्स्ट नंबर ले रहा था । हम श्रेय को मोरल सपोर्ट कर रहे थे ।
आनंद कुमार ने कहा कि समय आ गया है जब सुपर ३० के आकार को बड़ा किया जाए । आनंद कुमारर ने कहा, देश के अलग-अलग हिस्सों में इसके लिए जल्दी ही एक जांच परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसकी जानकारी वेबसाइट पर दी जाएगी । उल्लेखनिय हैं कि सुपर ३० पिछले १६ वर्षों से बच्चों को आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने में जुटा है । अब तक इस संस्थान से ४०० से ज्यादा छात्रों ने आईआईटी प्रवेश परीक्षा में सफलता पाई है ।
यह संस्थान गरीब परिवारों के ३० बच्चों का चयन करता है और उन्हें कोचिंग, भोजन और रहने की सुविधा देता है, ताकि वे अपना ध्यान केवल आईआईटी-जेईई में सफल होने पर केन्द्रित करे । इस कार्य में आनंद का पूरा परिवार उनका साथ देता है ।
उनकी मां स्वयं घर में सभी ३० बच्चों के लिए खाना बनाती है और वह और उनके भाई प्रणव बच्चों को आईआईटी की तैयारी करवाते हैं । इस कार्य के लिए आनंद देश-विदेश में ख्याति प्राप्त कर चुके है ।